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बच्चों के लिए योग के फायदे

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yogesh singh rajpurohit [talkiya / तालकिया]

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बदलती जीवनशैली से तनाव हर उम्र के लोगों को होता है। लेकिन क्या आपको पता है आजकल छोटे बच्चों में भी तनाव की समस्या सामने आ रही है। यह सुनकर भले ही अजीब लगे लेकिन हाल ही में हुए एक रिर्सच में ये बात सामने भी आई है। 6 साल की उम्र के बच्चों से लेकर 12 साल की उम्र के बच्चों में भी डिप्रेशन के लक्षण सामने आए हैं। लेकिन आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है केवल कुछ योग बच्चों को कराएं जिससे वे तनाव से बाहर आ जाएं। 

योग करने से बच्चों की एकाग्रता और ध्यान की शक्ति बढ़ती है।

  • वे अपनी बातों और भावनाओं स्पष्ट रूप से बताते हैं।
  • योग करने से बच्चे और मां-पिता के बीच संबंध बेहतर बनता है जिससे वे और ज्यादा एक दूसरे के करीब आ जाते हैं।
  • बच्चों का शरीर संक्रामक बीमारियों और एलर्जी से लड़ने में सक्षम बनता है। 
  • रोज व्यायाम करने से बच्चों की मांसपेशियों में लचीलापन और ताकत आती है।
  • किस उम्र से बच्चों को योग कराना चाहिए।
  • बच्चों की योग की सही उम्र 7-8 साल है। इसके लिए ये भी जानना जरूरी है कौन-कौन से योग बच्चों को कराने चाहिए। वैदिकवाटिका आपको इसकी पूरी जानकारी दे रही है।

आसन कैसे व कहां से करें।

ये सभी आसन जो आपको बताए जा रहे हैं इन्हें आप योग केंद्रों में जाकर बच्चों को करवा सकते हैं। या फिर इंटरनेट की मदद भी ले सकते हैं।

उत्तानसन

इस आसान को करने से मस्तिष्क में खून का प्रवाह बढ़ता है साथ ही तनाव, अवसाद, चिंता और थकान दूर होती है।

बुधकोनासन

ये आसन बच्चों के कूल्हों, जांघों और घुटनों को लचीला बनाता है। 

भुजंगासन

यह आसन बच्चों के कंधों और हाथों को मजबूत बनाता है। साथ ही साथ बच्चों के गुर्दे, छाती और फेफड़ों को भी स्वस्थ बनाता है। 

अधो मुख श्योनासन

इस आसन में पैर और हाथों को फैलाना होता है। आसन करने के समय शरीर आगे झुक जाता है जिससे शरीर में खून का संचालन आसनी से होता है। और बच्चों का तनाव और थकान खत्म होती है।

ताड़ासन

यह आसन बच्चों के लिए काफी प्रभावशाली होता है। इस आसन में बच्चों को ध्यान व शरीर में संतुलन करना बताया जाता है। जिससे बच्चों की रीढ़ी की हडडी मजबूत होने के साथ उनकी लंबाई भी बढ़ती है। 

बालासन

यह आसन नटखट और शरारती बच्चों के लिए होता है इस आसन को करने से बच्चों का दिमाग शांत होता है और वे तंदरूस्त रहते हैं।

इन बातों पर ध्यान जरूर दें

  • किसी योग को प्रमाणित प्रशिक्षक की देखरेख में ही योग कराएं।
  • यदि योग करने के बाद बच्चे को किसी तरह की शारीरिक परेशानी हो गई हो तो उसे तुरंत चिकित्सक के पास ले जाएं। कई बार कुछ योग आसन बीमारियों के हिसाब से हानिकारक भी होते हैं। बच्चे को योग के फायदों के बारे में बताएं न की जबरदस्ती थोपने की कोशिश करें।

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