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महर्षि पाराशर
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महर्षि पाराशर

कुलदेवी माता सिंघरानी

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#3341
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Posted by

yogesh singh rajpurohit [talkiya / तालकिया]

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गौत्र : वेदों में जिसे नेति-कहा जाता है उन श्री निवास, निधि, श्री विभाजन, श्रीधर, श्री वत्सवक्ष, महरधर महाविष्णु की नाभि से उत्पन कमल से जगतपिता ब्रह्राजी का प्रादुभाव हुआ | ब्रह्रापुत्र वशिष्ठ के जयेष्ठ पुत्र शक्ति मुनि से उत्पन हुए महान संत दार्शनिक तथा तपस्वी पाराशर | महर्षि पारासर को बड़े होने पर ज्ञात हुआ कि उनके पिता की हत्या एक शत्रिय द्वारा की गई थी तो वे राजाओ को जितने हेतु उद्वत हुए तब महर्षि वशिष्ठ ने उन्हें समा का उपदेश देकर शांत किया | महर्षि पारासर ने सत्यवती के गर्भ से वेद व्यास को जन्म दिया था, जिन्हें विष्णु का कलावतार कहा जाता है | पारासर गोत्र से निकली जातिया निम्न है :-

(१) पारीक (२) सिया (३) पांचलोड (४) चांवडिया (५) कवाणचा (६) हाथला (७) बोतिया (८) शडवडा (९) सोनानिया |

इन जातियों की कुलदेवी माता सिंघरानी,

वेद यजुर्वेद, शाखा-मध्यायनी | प्रवर-पाराशर, वशिष्ठ, साक्र्त (शक्ति), उपमन्यु, अत्रिय |

सूत्र-पारसकर ग्रह सूत्र

क्षेत्रपाल काशी, काला - गोरा |

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