Rajpurohit India Logo

Rajpurohit India

Business

👉 Swipe ← → to navigate
ब्रह्रावतर संत श्री खेतारामजी महाराज
1 / 4

guruji

01-Nov-2030

READON APP

ब्रह्रावतर संत श्री खेतारामजी महाराज

"राजपुरोहित समाज का सूर्य "

213

1788

#2331
User

Posted by

yogesh singh rajpurohit [talkiya / तालकिया]

Rajpurohit India Mobile App

Thank you for contributing to the Rajpurohit India community.

जन्म - वि.स. 1960 वैशाख सुदी पांचम

पिता - श्री शेरसिंहजी राजपुरोहित (उदेश)

माता - श्रीमति सनगारी देवी

जन्म दिनांक - 22/04/1912

जन्म स्थान - ग्राम (खेडा) तहसील - सांचौर, जिला-जालोर (राज.)

जन्म का नाम - खेताराम

वैराग्य-१२ वर्ष की उम्र में

गुरु - संत शिरोमणि गणेशानंद जी महाराज

सुविख्यात नाम - ब्रह्मर्षि ब्रह्माचार्य ब्रह्म अवतार श्री श्री 1008 श्री खेताराम जी महाराज

असंभव कार्य - 5 मई 1984 को जगतपिता ब्रह्मा जी का विश्व का दूसरा मंदिर आसोतरा में बनाया

निर्वाण - 7 मई 1984 समय 12ः36 बजे स्थान श्री ब्रह्मधाम आसोतरा बाड़मेर

विशेष - जीव हत्या के विरोधी, पर्यावरण प्रेमी, राजपुरोहित समाज को एक मंच पर संगठित कर अंतराष्ट्रीय पहचान दी | कलयुग में वचन सिद्धी महापुरुष, कई चमत्कार दिखाये, बाल ब्रह्राचारी, घोर तपस्वी, ब्रह्राअवतार | ब्रह्राजी मंदिर आसोतरा का निर्माण वि.स. २०१८ वैशाख सुदी पांचम गुरुवार को संत श्री ने भूमि पूजन कर मुख्यद्वार की नींव रखी | वि.स. २०२० वैशाख सुदी पांचम को ब्रह्राजी के मंदिर की नींव रखकर श्री गणेश किया | ब्रह्राजी मंदिर आसोतरा के निर्माण हेतु देश में भ्रमण कर धन इकट्ठा किया | वि.स.२०४१ वैशाख सुदी पांचम रविवार को इस मंदिर की भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव हर्षोल्लास से सम्पन | ब्रह्रालीन-वि.स.२०४१ वैशाख सुदी ६, सोमवार दोपहर १२.३६ बजे ब्रह्राधाम आसोतरा |

संत श्री खेतेश्वर : संक्षिप्त परिचय

      ब्रम्हाण्ड की उत्पत्ति से लेकर अब तक राजपुरोहित समाज मे कई संत महात्माओ ने अवतरण लिया है तथा अपने अद्भुत चमत्कारो के माध्यम से धर्म एव जाति से ऊपर उठकर जन कल्याण का मार्ग दिखाया जिनकी हम ह्रदय से नत मस्तक होकर वंदना करते है|

      वर्तमान मे ऐसी ही दिव्य ज्योति का एक प्रकाश पुंज विगत वर्षो मे महान संत श्री खेताराम जी महाराज के नाम से उदयमान हुआ जो साक्षात ब्रह्रा के अवतार माने गये | जिनकी ब्रह्रा शक्ति से बिखरे हुए मोती रूपी राजपुरोहित समाज को ऐसी कडीयो से जोड़ा जो ह्रदय (गले) का हार बन गया |

      राजस्थान मे बाड़मेर जिले के, बालोतरा शहर से तकरीबन दस किमी, गढ़ शिवाणा रोड पर दिनाक 5, मई 1961 को गाँव आसोतरा के पास ब्रह्रा मंदिर की नीव रखी जो पुष्कर के बाद विश्व का सबसे बड़ा ब्रह्रा मंदिर बना | तत्त्पश्चात आपने अपनी साधना का केंद्र बिन्दु बनाकर, सृष्टी के रचियता श्री ब्रह्रा जी को सपत्त्निक यहाँ पर विराजित होने को उन्मुख कर दिया तथा युगो - युगों से रूठि हुई, ब्रह्रा पत्नि सावित्री को अपनी तपशिया के बल पर ब्रह्राजी के साथ विराजने को विवश कर दिया | परिणाम स्वरूप एक "शक्ति धाम" की स्थापना हुई जिसका नाम सुनकर न केवल राजपुरोहित बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति का ह्रदय खिल उठता है |

      आज यह "शक्ति धाम" ब्रह्राधाम समस्त राजपुरोहित समाज की आस्था का केंद्र बिन्दु बन गया है | आपकी इस ब्रह्रा शक्ति का सम्पूर्ण वर्णन करने को तो मैअसमरथ हूँ किन्तु दावे के साथ कह सकता हूँ कि इस महान संत की अद्भुत क्षमता एव सामर्थ्य के कारण राजपुरोहित समाज मे सामाजिक, राजनैतिक जाग्रति का संचार हुआ है |

      वर्तमान मे ब्रह्राधाम आसोतरा मे संत श्री खेताराम जी महाराज के शिष्य पुज्य श्री तुलसाराम जी महाराज गादीपति एव पीठाधीश है | प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ला षष्ठमी को यह पर राजपुरोहित समाज सहित प्रत्येक जाति के दर्शनाथी पहुचते है जिनमे राज्ये मंत्री मण्डल के सदस्य भी शामिल है |

      महान संत श्री खेतेश्वर महाराज का जन्म राजपुरोहित समाज मे गौतम वंशीय महर्षि उदालक की गौत्र प्रवर्तक वंशावली के "उदेश" कुल मे वैशाख शुक्ला पंचमी सोमवार दिनाक 22 अप्रैल 1912 को माता श्री संगारी बाई देवी पिता श्री शेर सिंह जी के यह पर खेड़ा (सांचौर) नामक गाँव मे हुआ एव इस महान आत्मा का निर्वाण दिनाक 7 मई 1984 सोमवार वैशाख शुक्ला षष्ठमी को दोपहर 12.36 बजे हुआ | यह अटूट सत्य घटना है कि आपने 5 मई 1984 को ब्रह्राजी की मूर्ति स्थापना कर प्रतिष्ठा के समय ही मूर्ति मे विलिन हो गये किन्तु सांसारिक देह का परित्याग आपने 24 घंटे बाद किया एव ब्रह्राज्योति ब्रह्राण्ड मे विलिन होने का मानव को अहसास हुआ | धन्य हो ऐसी पुन्य आत्मा को जिनका नाम लेने के सम्पूर्ण पापो का नाश हो जाता है तथा कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो जाता है | राजपुरोहित समाज ऐसे महात्माओ संत के चरणों मे सदा नत मस्तक रहेगा |

 

महान संत श्री खेतेश्वर महाराज सादा जीवन उच्च विचार

        महान संत श्री खेतेश्वर महाराज सादा जीवन उच्च विचार मानवता के प्रति संवेदनशील थे | अपने घोड़े पर सवार होकर एक-एक रूपया समाज से लेकर मंदिर निर्माण किया, परिश्रम मेहनत का और क्या उदाहरण हो सकता है | उनके पास धन की कमी न थी फिर भी क्या उन्होंने कभी हवाई सफ़र किया? मितव्ययता से मित्रता आडम्बर से अलगाव, अहंकार से अलग मान सम्मान से दूर बड़े-छोटे में अभेद समदृष्टि आवश्यकता के अनुरूप अनुराग अंगीकार प्राणी मात्र से प्रेम समाज को समर्पित निष्काम कर्म के कर्मवीर कारक थे |

      वो समाज का एक-एक रूपया बहुत सोच विचार कर खर्च करते थे | समाज के कृषक वर्ग के पसीने की कद्र करते हुए एक रुपए को भी बड़ी रकम के रूप में देखते थे | मान-गुमान से कोसो दूर समाज की एकता का सूत्र बताकर गए | एक विशाल जाजम हमें सौंप दी | क्या हम उस जाजम पर प्रेमपूर्वक बैठकर समाज हितार्थ काम कर रहे है? यह सवाल अपने अंतरमन से पूछना होगा | खेतेश्वर के बताये हुए पथ पर ही समाज व उनके शिष्य-संतो को चलना होगा | उनके बताये रास्ते ही स्वर्ग और सौहाद्र समाज विकास की और लक्ष्यशीत करते है |

 

पिपलिया तालाब पर 3 वर्ष की तपस्या : 

श्री खेताराम जी ने एकांत में पिपलिया तालाब पर शिव धुणा स्थापित कर लगभग 3 वर्ष तक तपस्या की। एक बार श्री खेताराम जी जन्म स्थान खेड़ा गांव गए और वहां गांव से दूर एक जाल के वृक्ष के नीचे तपस्या करने लगे। उनके सत्संग की खबर पूरे क्षेत्र में फैलने लगी। क्षेत्र के एक तपस्वी पुरुष रघुनाथ जी को सूचना मिली कि क्षेत्र में संत आए हुए हैं, तब वे भी मिलने पहुंचे। इधर श्री खेताराम जी ने सर्व धर्म प्रचार,ऊंच-नीच, जात-पात और भेदभाव नहीं रहे इसके लिए गांव सिवाना में एक कुएं के पास बैठकर वर्षों तक तपस्या की और अपनी देखरेख में रामदेव जी का मंदिर बनाया।

इसके बाद ग्राम मूठली में भी काफी समय तक तपस्या कर महादेव जी का मंदिर बनाया। इसके बाद समदड़ी में उन्होंने एक वृक्ष के नीचे बैठकर 12 वर्ष तक बिना अन्न ग्रहण किए तपस्या की। बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति की। समुंद्री वासियों ने श्री खेताराम जी महाराज की भक्ति को देखकर रेलवे स्टेशन के पास महादेव मंदिर निर्माण कर श्री खेताराम जी महाराज से मंदिर का प्राण
प्रतिष्ठा करवाई।

 

पाती में किया था चातुर्मास

श्री खेताराम जी महाराज ने पाली जिले के पाती गांव में लोगों के निवेदन पर वहां एक पहाड़ी के पास चातुर्मास किया था। महादेव जी और सत्यनारायण जी का मंदिर भी बनवाया। यहां पर वर्तमान में श्री खेताराम जी महाराज का भी मंदिर बना हुआ है। इनकी देखरेख में यहां पर मां अंबे का भव्य मंदिर बनाया गया है।

 

राजपुरोहित समाज को दिया एक मंच

श्री खेताराम जी महाराज ने पिछडे़ समाज को संगठित कर के उसे मुख्य धारा में लाने का द्वितीय काम किया। तत्कालीन परिस्थितियों में हमारी अन्य समाजों सहित क्षेत्र में विषेश पकड़ नही थी। वही पूरा समाज क्षेत्र वाद में बिखरा हुआ था। ऐसे में दाताश्री ने अपने प्रताप से सबको एक मंच दिया। वही बिखरे समाज को संगठित किया। आज उस तपस्या का ही परिणाम है कि लोकतंत्र की इस व्यवस्था के
षक्तिषाली पदों पर बैठे लोग जैसे प्रदेष का हर हर मंत्री से लेकर के मुख्यमंत्री तक यहां दौड़े चले आते है। वे हमारी बात के प्राथमिकता से बात के सुनते है।
यह मंच दाता श्री के आषीर्वाद से प्राप्त हुआ है। 
जैसा आप जानते है कि 20 अप्रैल 1961 विक्रम संवत 2018 वैशाख  शुक्ल पंचमी को ब्रह्मा जी के मंदिर के लिए भूमि पूजन किया। श्री खेताराम जी महाराज अपना मुकुंद घोड़ा लेकर गांव गांव ढाणी ढाणी गए और आर्थिक सहायता के लिए केवल राजपुरोहित समाज से ही मंदिर के लिए सहयोग लिया। भूमि पूजन के ठीक 2 साल बाद ही ब्रह्माजी भगवान के मंदिर की नींव 51 फुट खुदवाकर मंदिर का
कार्य शुरू किया।

6 मई 1984 विक्रम संवत 2041 वैशाख शुक्ल को ब्रह्मा जी के पास ही मां सावित्री को विराजमान कर मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा कर 6 मई को राजपुरोहित समाज को दिया एक मंच
जिला जालौर  सन्यास - 12 वर्ष की उम्र में गुरु दीक्षा - संत शिरोमणि गणेशानंद जी महाराज सुविख्यात नाम - ब्रह्मर्षि ब्रह्माचार्य ब्रह्म अवतार श्री श्री 1008 श्री खेताराम जी महाराज असंभव कार्य - 5 मई  1984 को जगतपिता ब्रह्मा जी का विश्व का दूसरा मंदिर आसोतरा में बनाया निर्वाण - 7 मई 1984 समय  12ः36 बजे स्थान श्री ब्रह्मधाम आसोतरा बाड़मेर  परिचय श्रीखेताराम जी ने  अन्न जल त्याग और माता सावित्री की श्राप का वर्णन करते हुए प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे दिन 7  मई को ब्रह्मलीन हो गए।

Loading...

Add Comment

समाज की बात, पूरे समाज तक!

कोई खबर, इवेंट या कोई भी अपडेट — पोस्ट करें और अखिल राजपुरोहित समाज से जुड़ें।

Rajpurohit India Community से जुड़ें

पोस्ट, इवेंट और जरूरी अपडेट — सबसे पहले WhatsApp पर।

WhatsApp Group जॉइन करें

Advertisement

Rajpurohit India Mobile App
★ ADS ★